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कुछ बाते 😌

कल रात कुछ इस कदर बात हुई,
शायद मिलना मुक्कदर मे था,
पर बिछड़ना खुद होगा,
ना जाने बात करते करते
दुख हुआ रोना आया
फिर वही खूब सारा प्यार आया।
❤❤
आंसू शायद तुम्हारी आंखो मे भी थे,
रोए शायद तुम भी थे,
फिर कुछ कहने सुनने लगे,
ना जाने क्यूँ बिखरने से लगे।
❤❤
कहते "मै हूँ ना" क्यूँ चिन्ता करती हो,
ना जाने तुम क्यूँ रोया करती हो,
मन ने कहा जाने अनजाने तुम भी जानते हो,
फिर क्यूँ  झूठे दिलासे देते हो,
कुछ देर शन्ति सी बनी रही,
ना जाने खुशी खुशी सुनती रही,
पता नही रिश्ता इतना गहरा कैसे हो गया,
अरे! ऐसा क्यूँ हो गया।
❤❤
कहा फिक्र ना करो तुम आगे बढ़ जाओगे,
मेरी बात लिख लो तुम phone भी नही उठाओगे,
कहते तुमने ऐसे सोच भी कैसे लिया,
तुम्हे शर्म ना आई तुमने बोल भी कैसे लिया,
पूछते तुम आगे बढ़ जाओगी क्या,
मैने कहा पता नही आगे होगा क्या,
बस यही तमन्ना है तुमसे,
बस बात करते रहना मुझसे ।
❤❤
और हाँ,
हाथ थामे रखना मेरा कही बिखर ना जाऊ,
बहुत मुश्किल से संभाली हूँ  कही टूट ना जाऊ,
कभी याद आए मेरी कही रो ना जाना,
बस एक call कर देना कही भूल ना जाना,
चलो चिन्ता छोड़ते है,
जब तक साथ है मौज उडाते है।
❤❤
©snehakalra