चलिए आज लिखते है कुछ ऐसी बातें,
बियाँ करना तो चाहते हैं मगर कर नहीं पाते।
बात है इस समाज की, इसकी सोच रस्मो- रिवाज की,
जब चाहे यह तोड़ तो दे दिल, मगर जोड़ नही पाते।
बियाँ करना तो चाहते हैं मगर कर नहीं पाते।
क्या करेगी तू पढ लिखकर, करना तो घर का काम ही है,
ऊँची आवाज़ में बात मत कर, सब सहना ही तेरा काम है।
पढ लिख भी गयी तो क्या, तू हमको सिखाएगी,
यही बात सुनकर वो फिर चुप कर जाएगी।
खुद की पसंद की हर चीज़ मिली जिसे,
शादी किसी और की पसंद से कर जाएगी।
एक बस घर वालों की इज़्ज़त के लिए,
हर गम होंठ सिल कर सह जाएगी💞💞💞
©deeprichu
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