सुनो!!
कुछ बातें हैं अनकही- सी जो आज मैं तुम्हें सुनाना चाहती हूं
आज मैं तुम्हें कुछ बताना चाहतीं हूं
है ईश्क मुझे तुमसे ये जताना चाहती हूं
कुछ बातें हैं अनकही-सी जो आज सुनाना चाहती हूं
सात जन्मों का तो मुझे पता नहीं पर ये उम्र सारी संग तेरे बिताना चाहती हूं
कुछ बातें हैं अनकही-सी जो आज तुम्हें सुनाना चाहती हूं
सुबह good morning wish के साथ अपने हाथों की चाय पीलाकर तुम्हें जगाना चाहती हूं
तुमसे लड़ना चाहती हूं तुमसे झगड़ना चाहती हूं और जब तुम मेरी बातों से रूठ जाओ तो प्यार से मनाना चाहती हूं
तुम्हारे साथ मैं पुरा दिन बिताना चाहती हूं
कभी shopping कभी movie तो कभी dinner date पे जाना चाहतीं हूं
बहुत सी बातें हैं अनकही जो आज सुनाना चाहती हूं
चलो माना इन सांसों का कोई भरोसा नहीं पर जब तक ये दिल है तब तक तेरी सांसे बनके तुझमें समाना चाहती हूं
अब सीधे- सीधे शब्दों में सुन लो मुझे प्यार है तुमसे यही बताना चाहतीं हूं
बहुत सी बातें थी अनकही जो आज सारी कह गई
तुम ना जानो ए हमसफ़र कब से रोका था इन्हें ना जाने आज कैसे बह गई...
सारी अनकही बातें आज तुम्हें कह गई।।।
# Monika Gulia
©monika
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