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कुछ कर गुज़रना है , तो कुछ करना पड़ेगा दोस्त , बुलंदियां मिला नहीं करती फ़क़त…

कुछ कर गुज़रना है , तो कुछ करना पड़ेगा दोस्त , बुलंदियां मिला नहीं करती फ़क़त बुलंद इरादों से ।
©your_rohit