A atulsharma en July 23, 2025 कुछ रंग फूलों से कुछ रंग चुराए।फिर हमने आसमान में सजाए।पर आफताब के अक्शो से वो इन्द्रधनुष कहलाए।और फिर , वही रंग किसी की मोहब्बत के काम आए।किसी की आंखों में ;तो किसी का मन में समाए।©atulsharma