सब कुछ तो है पर
कुछ तो नहीं है,
तु पास तो है, मेरे पर
साथ क्यों नहीं है,
होठों पर तो तेरा नाम
है,फिर तु दिल में क्यों
नहीं है,
तु भी सही है, और मैं
भी , फिर गलत क्या है,
तु तो करीब ही है, मेरे
फिर वह यैहसा क्यों
नहीं है, क्या तु वही है,
या फिर मैं बदल गयी
हूँ.. .
©banirai
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