कुछ यादें आंखों में आंसू
ला देती है,पर कुछ तो है,
जो होठों पर हंसी भी ला
देतीं हैं,
जब जिने की चाह खत्म
हो जाती है, तो कुछ तो है,
जो जिने की चाह जगा जाती
है,
कुछ सपने जब आंखों में ही
टुट जाते है , तो कुछ तो है,
जो फिर से आंखों में सपने
दिखा जाती है,
ये कुछ कहाँ से आती है, और
कहाँ पर रहती है, क्या पता.. .
पर प्यारी है, ये कुछ..
©banirai
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