S Santosh Kumar rahi en June 4, 2026 कुछ यूँ ही होतें है दिन मेरे, उनके यहाँ रातों में भी उजाला है मेरे यहाँ दिन में… कुछ यूँ ही होतें है दिन मेरे,उनके यहाँ रातों में भी उजाला है मेरे यहाँ दिन में भी नहीं।