आप हीं बताओ क्या बदला है?
लडका भी है..लडकी भी है
शादी भी है...आबादी भी है
प्यार भी है...नफरत भी है
घर भी है...संसार भी है
फिर क्या बदला है?
लोग हमेशा कहते हैं
जमाना बदला है...
पर क्या बदला है...सोंचिए जरा
लडकी लडका बनती जा रही
लडके असमंजस में हैं
लिव इन रिलेशन फल फूल रहा
माता पिता कश्मकश में हैं
लडकी अकेली न जाए बाहर
सोंच बहुत बदली है
लडकी अब अकेले हीं
बाहर रहने लगी है
शादी भी खुद कर लेती है
मनपसंद गर मिल जाए
फट तलाक भी हो जाता है
जो शादी निभ न पाए
चाचा मौसी बूआ ताई
रिश्तों का संसार बदला है
इनकी कभी चलती बहुत थी
इनका धंधा पानी उजडा है
न पडोस रहा न कोई पडोसी
पहचान रह ग्ई है मतलब की
चल रही दुनियां विकास पथ
अनजान रह ग्ई संस्कृति
एक दिन ऐसा भी आएगा
यंत्र चलित होगा मानव
फिर मानव मानव न रहेगा
कहलाएगा वो दानव...
©newera
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