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क्या करें#3

जो लम्हा गुज़र गया उस पर जोर नहीं, क्या करें
जो हाथ में है वो उदासी से कट रहा, क्या करें
जब खबर ही नहीं तुझे तो, क्या करें
अब भी तुझे अपना न कहें तो, क्या करें
ज़ोर ही नहीं रहा इस दिल पर अपना, क्या करें
बस तेरी सुनता है हर पल तो अब ,क्या करें
बिछड़ कर कोटि गम होंगे, क्या करें
मरना चाहेंगे मगर मर ना सकेंगे, क्या करें
दिल रोयेगा, मगर आँसू नहीं निकलेंगे, क्या करें
सिसकियों में हर शब कटेगी, क्या करें!!!!
©deeprichu