V

क्यों?

नये आयाम को छू रहे सपने, तो यह गर्दिश में तारे क्यों है?
कर्म करना है दौलत तो, हम किस्मत के सहारे क्यों हैं?
चल रहा साथ मेरे बस साया, कभी उजाला तो कभी अंधेरा,
है जुनून उस में सकून, क्यों खून पड़ गया काला तेरा?
मक्यों होती है बेसब्र बातें? क्यों हो जाते कच्चे इरादे?
बंद आंखों से देखे सपने क्यों रह जाते हैं आधे?
न जाने क्यों खो गया सवेरा? क्यों हो गया अंधेरा?
🌹🌹🌹
©vikasgarg