बाहर बारिश है,
मौसम सुहाना है,
नाजाने क्यों,
आज मेरा पसंदीदा मौसम
भाअ नही रहा है,
कुछ तो है,
आंखें भीगी भीगी हैं,
शायद दोबारा तमन्ना टूटी है,
अकेलापन है,
आज दोबारा,
दिल मनमर्ज़ी कर रहा है,
मुझसे दोबारा,
सवालात कर रहा है,
क्या जवाब दूं,
की वो टूटा सा रिश्ता,
आज भी मुझे,
प्यारा है!.?.¿.?..
©
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