O

क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है......

देख लिए सपने खुली आँखों से, कुछ बड़ा करने की सोच कर, उसे पूरा करने की हैसियत रखता हूँ, क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है......
लाख टोकेगी ये दुनिया मुझे,
नहीं दुनिया के डर से बदलेगा मेरा फैसला,
अब नहीं मैं पीछे हटूंगा,
क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है......
सिर पर चढ़ा है जुनून बड़ा की,
दुनिया बदलने वाला काम करना है,
अब खौल रहा है, लहू मेरा जुनून से,
क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है......
बहुत कुछ बतलाते हैं मेरे माँ के आँसू,
अब परिस्थिति पर मात कर,
उसे दिखाना है अपने सपनों का महल,
क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है......
पिताजी मेरे सीना तान कर कहे कि,
यही तो मेरी फौलाद से बनी औलाद है,
इतना अपने आपको काबिल बनाना है,
क्योंकि मुझे अपने आप को सिद्ध करना है़......
©omegle