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kyu aesa करती हो चाँद....

एक पल का एहसास बनकर आती हो तुम,
दूसरे ही पल खुश्बू की तरह उड जाती हो तुम,
जानती हो तन्हाइयों से डर लगता है हमे,
फिर भी तन्हा छोड़ जाती हो तुम!!
©rohittiwar