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लांछन लगाने वाले

चंद शब्द दिल को तोड़ जाते हैं
कुछ गैरों के लगाए इलज़ाम बहुत अंदर तक झकझोर जाते हैं
हम है तो बहुत हिम्मत वाले, पर जब भी जाते हैं उस नुक्कड़ जहाँ हर लड़की के चरित्र मापे जाते हैं
सच कहे तो हम थोड़ा सा डर जाते हैं, अपने कदम वापस घर की ओर मोड़ लाते हैं
कह तो कुछ नहीं पाते, पर हर लांछन लगाने वाले के पास कुछ आशुं बतौर निसानि छोड़ आते है
©Arpita Rai