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life..... Zindagi.......

ज़िन्दगी तब समझ में आने लगी ,
जरूरते , हालातो पे मुस्कराने लगी ll
बाजार में बातें सभी बेपरदा हुई ,
आँखें भी शर्म से झुक ज़ाने लगी ll
चुप हूँ मैं , ये जहाँ सारा चुपचाप है ,
अब खामोशियां शोर मचाने लगी ll
कम ल्फजों में बातें कई, है तेरा हुनर ,
कई बात तेरी दिल में चुभ ज़ाने लगी ll
जी रहा मैं ज़िन्दगी कुछ इस तरह ,
ये ज़िन्दगी जी भरके मुझे चाहने लगी ll
हेमंत जोशी