Y your_rohit en July 23, 2025 लोग गलतफहमी में हैं.... बिकती है ना ख़ुशी कही ना कहीं गम बिकता है..लोग गलतफहमी में हैंकि शायद कहीं मरहम बिकता हैइंसान ख्वाइशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा हैउम्मीदों से ही घायल है और उम्मीदों पर ही जिंदा है. ❤©rohittiwar