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लोकगीत

अरे दिल में हिलोर मारे-2 जैसे नदियन में नैया
बता द घर आवअ तारअ तू कब मोरे सैंया। - 2
चिट्ठियां संदेशवा से अब मन भर गईल बा
देखीं देखीं तस्वीर तोहर जिया उखड़ गईल बा
सुन अब पुकार हमर-2 उठा ल मोहे अपन बहियां।
बता द घर................ ..... मोरे सैंया ।
बिन बालम घर विरान होई जा ला
रतियाँ में सेजियाँ ई काँट जइसन बुझाला
अरे कब ले उदास रही-2 मोरा बेड सिट तकिया।
बता द घर.. ...................... मोरे सैंया ।
कोई न चिराग बाके चारों ओर अंधेरा
अंखियां में बसी बसी तू कर द सवेरा
हो देवरा अनुराग काहे -2हमसे जोड़अ तारे नेहिया।
बता द घर.............................. मोरे सैंया ।
अरे दिल में हिलोर मारे-2 जैसे नदियन में नैया
बता द घर आवअ तारअ तू कब मोरे सैंया ।- 2
©anuragrahi