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लॉक डाउन में मोहब्बत

कभी तो सपनों में आया करो। दो कप चाय बनाया करो।।
संघ बैठकर हमें पिलाया करो। दिल को भी बहलाया करो।।
धीरे से सर को शहलाया करो ।नींदों से हमें जगाया करो।।
फिर सपनों में खो जाया करो।।
©vikrantsha