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love

जिन्दगी को जिया जाए कैसे
खुलके कहै तो कहा जाए कैसे
अब दिल मे ही चुभन है आपके
तो फिर मोहब्बत की जाए कैसे
जिन्दगी नही चलती साइकिल के पहिए को चलाने से
इसे रिश्तो की डोर मे पोना है ,तो पो दो फिर
पर हर माला सुन्दर नहीं लगती केवल मोती पोने से ।।
Your friend pushkar samele
©pushkar