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love for father

............अभिव्यक्ति............
पिता कहाँ है ----
पिता मेरे रुह में है
पिता मेरे जज्बात में है
पिता मेरे जुनुन में है
पिता मेरे कर्तब्य में है
पिता मेरे कर्म में है
पिता मेरे धर्म में है
फिर क्यों पुछते हो
पिता कहाँ है----
पिता हर लम्हों की याद में है
पिता बुनते सपनो की तश्वीर में है
पिता बदलते जिन्दगी की तकदीर में है
पिता पल -पल दिल के धड़कन में है
पिता उड़ती जिन्दगी के समीर में है
पिता तन्हाईयों की हर एक तकलीफ में है
फिर क्यों पुछते हो
पिता कहाँ है----
पिता संसार के हर कयानात में है
पिता देखने पर हर नजर में है
पिता काया के हर रूह में है
पिता कठिनाईयों के हर मंजर में है
पिता हर सवालो के जवाब में है
पिता देखो तो हर मोड़ के संगम में है
फिर क्यों पुछते हो
पिता कहाँ है----
पिता हर मिट्टी में है
पिता हर कंकड़ -पत्थर में है
पिता हर फूल में है
पिता हर शूल में है
पिता हर नदी- झरना में है
पिता बैठे प्राकृति के हर गोद में है
फिर क्यों पुछते हो
पिता कहाँ है----
#### मुकेश ओझा ####
©mukessh