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LUVE KUSH

जब लव कुश ने अव्सवमेग यज्ञ के अश्व को देखा ।
तब दोनो वीर हरषाने लगे हैं।
जब श्री राम की सेना आई , तब वे धनुष उठाने लगे हैं।
देख कर श्री राम की सेना , बाणों पे बाण वर्षाने लगे हैं।
जब ये देखा वाल्मिकी ने तब मन में मुश्काने लगे हैं।
जब हनुमानजी भी आए हैं राण में, उनको भी बंधी
बनाने लगे हैं।
देकर सस्त्र सास्त्र की शिक्षा और छत्तरीय धर्म समझाने लगे हैं।
अब हो गई है ,देर बहुत होकर चितिंत श्री राम भी राण भूमि में जाने लगे हैं।
होने वाला था, शनग्राम वहाँ , देखा वलिमकी वहाँ तब आए।

जय श्री राम
©shivatomar