अपने हाथों से स्वेटर बुनकर वो पहनाती थी मुझे
मैं उससे पूछता ठंड नहीं लगती तुझे
वो प्यार से बोलती मैं पहनू तू पहने बात तो एक है
मैं ऊपर देख कर बोला भगवान तू झूठ बोलता था
कि तूने यह स्वार्थी दुनिया बनाई है
अगर तू सच बोलता था
तो फिर यह बता यह मां कहां से आई है
©twolines
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