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माँ

देखी नही थी दुनीया तब
तू छोङकर गई थी जब
अपने जिस्म के टुकङे को
क्यो किया खुद से अलग
हे भगवान क्यो किया आपने
मुझे मेरी माँ से अलग
आज भी सितारो मे माँ
तुझे ढूँढा करती हूँ
जब आती है तेरी याद
तेरी तस्वीरो को चुम्मा करती हूँ
माँ हो सके तो आ जाओ वापिस
क्योकि मै आज भी आपसे प्यार करती हूँ
छिन्न गई खुशियाँ मेरी
क्योकि खुशी थी मेरी आप
अगर कोई गलती होती थी मुझसे
तो कर देती थी मुझे माफ
सपनो मे चाहे ख्वाबो मे
रहती हो आप मेरे साथ
आज भी आ जाता है रोना
जब करता है कोई तेरी बात ।
aarti Indlia
©indlia