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"माँ"

दूःख को दूर करने की मूरत है माँ ।
दुनिया की सबसे प्यारी सूरत है माँ ।
गोद में देखा उनकी हमें
जन्नत है माँ।
प्यार कितना भी पाउ जमीं पर
लेकिन सच्ची चाहत है माँ।
"संकेत "कितनी माँ की सराहना करू
गजल नहीं बडा ग्रंथ है माँ।
डाँ, माला चुडासमा "संकेत "
©dr.mala