A ankit en July 23, 2025 माँ हवा को जब भी महसूस करता हूँ,यादों में माँ को ही पाता हूँ,माँ की ममता छिपी होती है हवाओं में,इसलिए माँ की ज्यादा याद आती है पेड़ की ठंडी छाओ में। अंकित कुमार मिश्रा