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मां

मां का नाम लेते ही आंखें नम हो जाती है,
उसके बगैर तो दुनिया की सारी खुशियां भी गम सी लगती है,
अगर साथ उसका है तो चहकता घर का कोना कोना भी है,
और वह पास नहीं तो त्योहार भी सुना सुना सा लगता है,
क्या है ना मां के बिना तो मन ही नहीं लगता है,
पूरे जहान की खुशियां उसकी गोदी में सिमट जाती है,
और उसकी लोरी तो शोर में भी सुला देती है,
खाना उसके हाथों से और सोना उसी की गोदी में तो जैसे हमारी जिद बन जाती है,
न जाने क्यूँ,9 महीने में ही उससे रिश्ता ऐसा जुड़ जाता है,
कि क्या करें ,अब मां के बिना मन ही नहीं लगता है,
मेरे बिन बताए ही वो मेरी परेशानियों को समझ जाती है,
मेरे लिए तो वो दुनिया की पूरी ताकत से भी लड़ जाती है,
मैं अगर चुप हूं तो मेरी चुप्पी की वजह को भी आंक लेती है,
और अगर मैं दुखी हूं तो वह मेरे दुख का कारण भी जान लेती है,
वो मां है ना तो सब समझ जाती है,
मेरी मुश्किलों में भी वो ढाल बन खड़ी हो जाती है,
मैं रोटी अगर एक मांगू तो एक ज्यादा ही दे देती है,
मेरी मुस्कुराहट में उसकी खुशियां दोगुनी हो जाती हैं,
और मेरे आंसुओं से उसकी रातों की नींदें भी उड़ जाती है,
वो मां है ना तो सब समझ जाती है,
पूरी दुनिया की भागदौड़ छोड़ मुझे उसके आंचल में ही सुकून मिलता,
उसकी गोदी में सिर रख मैं अपने सारे दर्द भूलता,
न जाने क्यों भगवान ने मां को बनाया है,उसकाे प्यार और ममता से ही सजाया है,
सच कहूं तो मां के जैसा दुनिया में कोई दूसरा है ही नहीं,
मां है तो सब कुछ है और मां नहीं है तो कुछ भी नहीं,
मां है तो अस्तित्व हमारा है, मां है तो जीवन हमारा है,
मां है तो उसका प्यार हमारा है,मां है तो उसकी ममता ही हमारे जीने का सहारा है...
.....प्यारी मां की प्यारी बेटी
©kanak.art