ठगी सी रह गई
ठगी सी रह गयी मां उस दिन
जब मै जन्मा
ठगी सी रह गयी वो जब
किसी नेे कहा
दादी पर गया है
किसी ने कहा देखो दादा पर गया है कि
किसी ने कहा
चाचा जैसी आखें तो किसी ने बुआ जैसी नाक
किसी ने कहा पापा जैसे मुस्काता है
पर किसी ने कहा नहीं मां भी है तो है
नहीं कहा की मां भी तो है हिस्सेदार कही
ठगी सी रह गयी वो मां जब
वो पीड मे सब सुनते सुनते सिसक पडी
जैसे टूट सी गई
ठगी सी रह गयी
वो जब
समझ गया वो भावना उसकी
वो जो जन्म जन्मांतर का साथी था |
हास्य रूप मै कहकर उसने
मन की पीड उडाई उसने
कहा मां के जैसे
हुकूमत करेगा |
मां के जैसा खूबसूरत हैं
बदल गया वो लम्हा तब
ठगी सी रह गयी वो जब||
miss jayaswal
©jayaswal
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