S

मां हैं तो सब है।।

बहोत हो गई प्यार और इकरार की बातें,
चलो अब असल मुद्दे पे आते,
बात है उस देवी की जिन्हें हम मां कह कर बुलाते,
उनकी छाया में तो भगवान भी भ्रमण कर जाते,
वो कहती हैं बेटा कर्म करो फल तो कामयाबी के दृश्य दे जाते,
उनकी गोद में तो भयानक सपने भी दर्द से कहराते,
कभी रुलाते कभी हसाते,पर कभी नहीं जताते,
हमे तो चांद की रोशनी उसमे ही नजर आते,
आज मौका मिला है कुछ महीने विताने का साथ,
ऐसा लग रहा रोज़ कोई मातम नहीं त्योहार हैं हम मानते।
©sochamit