नींद बहुत आती हैं पढ़ते पढ़ते
माँ होती तो कहती एक कप चाय बना दू।
थक गई हु जली रोटी बनाते बनाते
माँ होती तो कहती परांठा बना दू।
भीग गई है आंखे ये रोते रोते
माँ होती तो मुस्कराहट होती।
न किसी का प्यार चाहिए जो भी हो
फिर भी मुझे अपनी मां का वही बचपन वाला प्यार चाहिए।
हाथ छुड़ाकर जो यूं चल पड़ी हो
किस दुनिया मे न जाने चल बस गई हो।
©dimple.27
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