V vikasgarg en July 23, 2025 माना की आज हम अकेले रह गए जुदाई के आंसू आंखो से बह गए रोते हुए को कौन चुप… माना की आज हम अकेले रह गएजुदाई के आंसू आंखो से बह गएरोते हुए को कौन चुप कराएगाजो चुप कराते थे वहीं रोने को कह गए !!🌹🌹🌹©vikasgarg