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माता पिता को करलो नमन्.

माता पिता को करलो नमन्, मत दो उनहे रूदन.
इन्ही ने दिखाये हैं जिवन कि पहली किरण.
नौ महीने जो तुम्हे खुन से सिचा है गर्व काल में.
इन्हें बैठाये रहो अंतःकरण में, मत निकाल फेको वृद्ध काल में.
अपने गम को भुलाकर, पहुचाया था जो तुमहे गगन पर.
उन्ही को दिखाते यौवन काल में अपना टसन.
तन मन और घन जो तुम पर किया था अर्पण.
जब उनका शरीर का हुआ पतन, तो मजबूर करते हो खाने को जुठन.
याद रखो प्रकित का परिक्रमण, तुम भी हमेशा नहीं रहोगे यौवन.
तब तुम्हे भी अपनो ने ही करगा दमन.
©amrendraku