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मैं

कुछ इस तरह, कान मे कुछ कह गयीं ये बारिश की बूँदे, जो सुना मैंने हल्के से, तुम चुप क्यों हो कभी तुम भी बोलो चुपके से, क्या बोलू मैं जो बोलना हैं, वो बस मे नहीं मुझसे, ये मैंने भी बोल दिया चुपके से।
©Jyoti Thak