J Jyoti Thak en July 23, 2025 मैं कुछ इस तरह, कान मे कुछ कह गयीं ये बारिश की बूँदे, जो सुना मैंने हल्के से, तुम चुप क्यों हो कभी तुम भी बोलो चुपके से, क्या बोलू मैं जो बोलना हैं, वो बस मे नहीं मुझसे, ये मैंने भी बोल दिया चुपके से। ©Jyoti Thak