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मैं

मैं

न आज़मायश होंगी न नुमाईश होंगी

ज़िंदा हूँ मैं ज़िंदगी मेरी होंगी,

न हार होंगी न ललकार कोई

जीती हूँ मैं ताकत मेरी होंगी,

न डर कोई न खौफ होगा

निडर हूँ मैं बस बेपरवाह रहूंगी,

न बन्दिश कोई न जेल होगी

आज़ाद हूँ मैं जश्न करूंगी

न घृणा कोई न नफरत होगी

प्रेम हूँ मैं बस प्रेम रहूंगी,

न डिगा सकोगें न हटा सकोगें

अडिग हूँ मैं अटल रहूंगी,

न मिटू कभी मैं न मिटा सकोगें

अमिट हुँ मैं अमिट रहूंगी

न मौत होगी न जिस्म बदलेगा

शाश्वत हुँ मैं अमर बनूँगी।
#love#selflove