N Namrat@ en July 23, 2025 मैं पतझड़ो के मौसम में बारिशों की कहानी बुन रही थी और हंसते-हंसते ये… मैं पतझड़ो के मौसम में बारिशों की कहानी बुन रही थी और हंसते-हंसते ये आंखे सैलाब बना गई...©namrata05