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मैं रसूल हूँ

मुझे किसी से गुस्सा,शिकायत या अदावत नहीं है
जिना ही फकत मेरे जिंदगी का मकसद नहीं है,
मैं खुदा के पैग़ाम-ए-मुहब्बत का हूँ एक रसूल
क्या यहां कोई वाहिद,जाहिद या अमजद नहीं है।
©anuragrahi