निरंतरता , नितिमत्ता
की एक कास हो तुम |
हर घडी हर क्षण में
ऊँचाई यो को हासिल
करने का विश्वास हो तुम I
आजीवन , अविरत चलने
का साहस हो तुम |
जीवन मे आने वाले
संघर्ष से लढने का
मार्ग हो तुम I
चंद्र की शितलता सा
आगास हो तुम |
सूर्य की प्रकाश की एक
किरण हो तुम |
साधना , भक्ती का अथांग
सागर हो तुम |
निर्भयता , निडर ता की
एक ढाल हो तुम l
निरागसता , सोदर्यता का
एक मुकुट हो तुम |
अपने बेटे को सुसंस्कृती का पाठ
पढाणे वाली जिजाऊ हो तुम |
©kishor123
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