Y your_rohit en July 23, 2025 मौत को अपनी ज़िंदगी समझ बैठे......!! फरेब था हसी में हम आशिकी समझ बैठे,मौत को भी अपनी हम जिंदगी समझ बैठे,वक़्त कर रहा था मजाक या थी बदनसीबी मेरी,उनके झूठे प्यार को हम अपनी चाहत समझ बैठे ! ©rohit123