C ckprajapat en July 23, 2025 मधुशाला की पसंदीदा पंक्तिया किस उलझन से क्षुब्ध आज निश्चय ये तुमने कर डाला ।घर चौखट को छोड त्याग चढ़ बेठी तुम चोथा माला ।अभी समय हैं जीवन सुरभित पान करो इसका बाला ।ऐसे कूदकर मरने पर तो नही मिलेगी मधुशाला ।©ckprajapat