Y your_rohit en July 23, 2025 मए इंतेहा वही.....!! मैं अक्स वहीं,जिसकी पहचान हो तुम,...मैं इश्क वहीं,जिसकी इबाबत हो तुम,...मैं सफर वहीं,जिसकी मंजिल हो तुम,...मैं इंतहा वहीं,ज़िसमें बेइंतहा हो तुम.....©rohittiwar