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मेरा दिल अब मेरे इख्तियार में है।

मेरा दिल अब मेरे इख्तियार में है।

ब्यान-ए-निगाह से तू किसी के इंतजार में हैं

मौत से भी ज्यादा दहशत तेरे इन्कार में है

आज़ शब-ए-वस्ल है सुन कर यार की जुबानी

ग़मजदा दिल भी हंसता हुआ बहार में है

जिंदगी फकत जिये जाना जिंदगी नहीं

जिंदगी की असली मजा तो अपनों से हार में है

जब से खाया है ठोकरें उनकी फरेब नजरों से

मेरा दिल अब मेरे इख्तियार में है

अब लोगों के तरफ़ देखना छोड़ दो अनुराग

कोई नहीं यहां अब तेरे इंतज़ार में है।