आज उसने भी कहा मुझसे हस्ते हस्ते :
"आजकल तुम्हारे जैसे कहा टिकते, तुम्हारे जैसे तो हमे रोज़ दिखते"
हमने भी केह दिया उनसे:
सब काल की माया है,
मेरे ऊपर तो भविष्य का साया है,
मेरे अंदर भी धर्म की छाया है,
जो मैंने अपने कर्मों से तुझ जैसों के सर को भी झुकाया है।।
©sochamit
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