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मेरा शहर शरमलोक😢

मेरा शहर था कभी ये देवलोक
जो बन गया आज नरक लोक
नारी का सम्मान जिन्होंने किया वर्षों पहले
आज उन्हीं की पावन भूमि में
कुछ लोगों ने उसी नारी को
सरे आम बाजारू बना दिया
वाह ! रे इंसान क्या यही है
तेरी पहचान ?
कायदा मर्यादा सिखाते हो अपनी
बहू _बेटियों को
और खुले आम दूसरों की
बेटियों का सौदा करते हो
शर्म से तो मर जाना चाहिए
तुम जैसे लोगों को,
किसी की मजबूरी का,
ग़रीबी का फायदा इस क़दर
उठाओगे तो
एक दिन तुम दुनिया से ही उठ जाओगे
जिस दिन जंग छेड़ देंगी बेटियां
भूलों मत किसी की अच्छाइयों को
सब्र का बांध एक दिन टूटता जरूर है
आज तुम जिस आलीशान बंगले में
ठाठबाट से रहते हो
एक दिन सड़क में आ जाओगे
अपनी इस घिनौनी हरकतों की वजह से
तुम जैसे लोग क्या सीख देंगे आने वाली
पीढ़ी को ,
जो अच्छाइयों का मुखौटा पहनकर सरे आम घूम
रहा हो बाज़ार में ,महफिलों में ,पार्टीयों में
पीठ पीछे जो करता हो अय्याशी
अरे ! इंसान अब तो सुधर जा
रोज ऐसी खबर कहां से आती है
अगर तू सच में सही है तो
सोच तू खुद को देख
कितनी तेरे अंदर खुद्दारी है?
©anusingh