S

मेरे अधुरे ख्वाब।।

कास मेरे भी ख़्वाबों की कश्ती को किनारा मिल जाता।
मेरे जज़्बात से लोगो को इशारा मिल जाता।
कुछ तो कमी रह गई होगी मेरे धनुष के धागों में,
वरना मेरे चलाए बाणों को भी रफ्तार का सहारा मिल जाता।।
©sochamit