S sochamit en July 23, 2025 मेरे अक्षर।। 💙💙 कास मेरे लफ़्ज़ों में भी व्यास जैसी मिठास होती,कास मेरी भी ज़िक्र इतिहास में कुछ खास होती,कास मै चांद की भांति सबकुछ देख पाता,फिर मेरे भी अक्षरों में शिद्दत-ए-एहसास होती।।©sochamit