मिटटी से भी खूश्बु आई,
मेरे भारत देश में।
खेत खेत हरियाली छाई,
मेरे भारत देश में।
परिश्रम का सोना खेतो में खिला,
मेरे भारत देश में ।
किसानों में आनंद की लहर आई,
मेरे भारत देश में।
"संकेत " सब जन मिलकर गाए,
गुणगान भारत माँ की
मेरे भारत देश में।
डाँ. माला चुडासमा "संकेत "🌷🌷
©dr.mala
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