ये दो अजनबी चेहरे एक रजामंदी के थे
कुछ परिवार की थी कुछ हमारी सफर
कुछ ख्वाबों को लेकर निकल पड़े अजनबी
उम्मीदों का सफर था फासले अधिक हैं
बस कुछ नए रिश्ते हैं कुछ पुराने रिश्ते हैं
माता-पिता से बिछड़ने का कौन सा रिश्ता
कुछ अजनबी बातों को मन में दवाएं बैठे है
चंद्र ख्वाबों को लिए निकल दिए सफर पर
कब जिम्मेदारी कब परिवार और फासले
अजनबी से कब अपना हो गया यह सफर
हर चीज तुम्हारी मेरी लगती है इस सफर में
बस ख्वाबों को लेकर चल पड़ा हूं हमसफर
जिंदगी कब किस मोड़ पर साथ छोड़ दे
ख्वाबों के इस सफर को तुम ना छोड़ना
दो अजनबी नहीं एक जिस्म दो जान है
बस मेरे हमसफर तेरे बिना सब वीरान है
शायद क्या सोचा था जिंदगी किस मोड़ पर
इम्तिहान परीक्षा और न जाने हद से गुजर
बस अजनबी ना रहा तेरा मेरा सफर जिंदगी
वह आज भी इंतजार है मेरे हमसफ़र को
दो अजनबी चेहरा की मुस्कान अद्वितीय है
पहली ही मुलाकात में सब कुछ बता देना
जहां शुरुआत जिंदगी की है हमसफर मेरे
अजनबी कहां था तुमसे और तुम्हारे साथ
अजीब सफर एक तुम और एक था जिंदगी
हाजी जिम्मेदारियां हैं परिवार की जिंदगी
वह आज भी चौखट पर इंतजार करती है
आने का और जाने का हमसफर मेरे दिल
अजनबी नहीं रहा मैं अब उसके लिए आज
वह जीवनसंगिनी है मैं उसका हमसफर हूं
एक अजनबी शहर से वह मेरे घर आई है
ख्वाबों की तकिया साथ लाई है ये जिंदगी
हो आज मेरे घर की खुशियों का सब कुछ है
दूर हूं फिर भी ख्वाबों को सात लिए चलती
अजनबी शहर नहीं वह मेरा घर है परिवार
बस हम सफर जिंदगी गुजर जाएगी आंचल
यादों का सफर मेरा हमसफ़र ""आशा जश्न"'
©lawnishtha
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