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मेरे कुछ गलत अहसास से महसूस उसरत न करोगे ।

मेरे कुछ गलत अहसास से महसूस उसरत न करोगे
वादा करो कि तुम कभी खत्म मुहब्बत न करोगे।
जिंदगी में आती है एक बार सबको दुख की घड़ी
मुह मोड़ कर मुझसे कभी तुम हिजरत न करोगे।
इस मयार दिल के पास नहीं गिले-शिकवे न गुरूर
जाहिल मुझे जानकर कभी दिल से रुख़सत न करोगे।
कुछ आसां नहीं मयस्सर होना तबियत का हमसफ़र
फखत खुद की खुशी के लिए कभी फुरकत न करोगे।
गम-ए-अय्याम में बढ़ते हैं कदम गुनाह की ओर अक्सर
वादा करो फिर एक बार तुम वो कभी वहशत न करोगे।
जिंदगी एक-दूसरे से जुड़ी है ये सच समझता है अनुराग
समझा करो तुम भी मेरे बिन कोई कभी इशरत न करोगे ।
©anuragrahi