मेरे नाना-नानी आप कहां हो
मैंने ढुढा है आपको कहा नहीं कहा नहीं।
मेरे नाना-नानी.....
जब वे थे तब भुल गया उन्हे,
खेल कूद की आड़ मे।
आज याद आते है
मुझे हर बात में।
मेरे नाना-नानी.....
मैंने ढुढा है उन्हे हर,
नदी मन्दिर मस्जिद मैदान में।
पर मीले वे मूझे
उनकी याद में।
मेरे नाना-नानी.....
जब मां से पूछा
तो वो रोई और फ़िर
बोली,के वो चले
गऐ भगवान के पास।
मेरे नाना-नानी.....
©garv
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