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meri trh kya koi tumhe dekhta hoga 1st

तुम आसमान में चमकता चाँद हो
तुम्हे पाने लिए ना जाने कीतने लोग सोचते होंगे
हकीकत में तो वो तुम्हे कभी जमी पर ला नही सकते
पर यकीन करो हमारा की हमारे जितना करीब तुम हो मेरे
अब कैसे बताये की हम तुम्हे करीब से देखने के लिए भी आइने का साहारा लेते होंगे
सोचो तो हकीकत में जिसे चाँद कोई छु ना सका उसे हम रोज आइने के सहारे ही सही मगर छूते तो होंगे
©deepakshar